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Monday, June 7, 2010

1.1 17 जनवरी की वह रात





                तारीख- 17 जनवरी, 1941
                समय- 01:30 बजे। (16-17 जनवरी की मध्यरात्रि)
                स्थान- एल्गिन रोड, कोलकाता का एक दुमंजिला मकान।
                कहीं से खाँसने की आवाज आती है और इसी के साथ मानो इन्तजार कर रहे तीन लोग दबे पाँव सक्रिय हो जाते हैं।
                खाँसी की आवाज एक संकेत है कि रास्ता साफ है।
                एक युवक चुपके से गेट खोलता है।
                दूसरा युवक जर्मन कार वाँडरर“ (नम्बर- बी.एल.ए. 7169) की ड्राइविंग सीट पर बैठकर इसे स्टार्ट करता है।
                तीसरा युवक बन्द गले का कोट पहने एक दाढ़ी वाले पठान को दुमंजिले से उसके सामान सहित नीचे लाता है और कार की पिछली सीट पर बैठाता है।
                कार गेट से बाहर निकल जाती है।
                बाहर एल्गिन रोड तथा वुडबर्न रोड के चौराहे पर तैनात सी.आई.डी. वाले लकड़ी के कामचलाऊ तख्तों पर कम्बलों के बीच दुबककर निश्चिन्त आराम कर रहे होते हैं।
                कार हावड़ा ब्रिज होते हुए जी.टी. रोड पर आती है और शीघ्र ही आसनसोल की ओर फर्राटे भरने लगती है।
                ***
कार चलाने वाले युवक हैं- शिशिर कुमार बोस, घर में उनके जिन दो चचेरे भाईयों ने मदद की, वे थे- द्विजेन्द्र और ऑरोविन्दो बोस।
                कार की पिछली सीट पर बैठे हैं- इन तीनों के चाचा, एक इंश्योरेन्स कम्पनी के ट्रैवेलिंग इंस्पेक्टर पठान जियाउद्दीन की वेशभूषा में- नेताजी सुभाष चन्द्र बोस।
                *****

12 comments:

  1. हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

    मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

    यदि कोई सहायता चाहिए तो खुलकर पूछें यहाँ सभी आपकी सहायता के लिए तैयार हैं.

    शुभकामनाएं !


    "टेक टब" - ( आओ सीखें ब्लॉग बनाना, सजाना और ब्लॉग से कमाना )

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  2. आपका लेख पढ़कर हम और अन्य ब्लॉगर्स बार-बार तारीफ़ करना चाहेंगे पर ये वर्ड वेरिफिकेशन (Word Verification) बीच में दीवार बन जाता है.
    आप यदि इसे कृपा करके हटा दें, तो हमारे लिए आपकी तारीफ़ करना आसान हो जायेगा.
    इसके लिए आप अपने ब्लॉग के डैशबोर्ड (dashboard) में जाएँ, फ़िर settings, फ़िर comments, फ़िर { Show word verification for comments? } नीचे से तीसरा प्रश्न है ,
    उसमें 'yes' पर tick है, उसे आप 'no' कर दें और नीचे का लाल बटन 'save settings' क्लिक कर दें. बस काम हो गया.
    आप भी न, एकदम्मे स्मार्ट हो.
    और भी खेल-तमाशे सीखें सिर्फ़ "टेक टब" (Tek Tub) पर.
    यदि फ़िर भी कोई समस्या हो तो यह लेख देखें -


    वर्ड वेरिफिकेशन क्या है और कैसे हटायें ?

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  3. जयदीप भाई आपका बहुत बहुत स्वागत दोबारा इस ब्लॉग जगत में |

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  4. एक बार फिर से वही अलख जगाना होगा ...............नेता जी के बारे में देश को बताना होगा |
    जय हिंद !

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  5. प्रेरक और ज्ञानप्रद आलेख - आभार

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  6. अच्छी जानकारी दी...
    http://merajawab.blogspot.com

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  7. बोस जी ऐसे ही थे, वो जो करते थे उसकी जानकारी सिर्फ उनको ही हुआ करती थी। आपका ब्लॉग की दुनिया में स्वागत है। चाहूंगा कि ऐसी जानकारियां हमारे साथ बांटते रहें। धन्यवाद-नीतीश राज। ये वर्ड वैरिफिकेशन हटा दें तो अच्छा हो।

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  8. बहुत बढ़िया ...अच्छी जानकारी दी है आपने
    www.jugaali.blogspot.com

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  9. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

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  10. " बाज़ार के बिस्तर पर स्खलित ज्ञान कभी क्रांति का जनक नहीं हो सकता "

    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति.कॉम "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . अपने राजनैतिक , सामाजिक , आर्थिक , सांस्कृतिक और मीडिया से जुडे आलेख , कविता , कहानियां , व्यंग आदि जनोक्ति पर पोस्ट करने के लिए नीचे दिए गये लिंक पर जाकर रजिस्टर करें . http://www.janokti.com/wp-login.php?action=register,
    जनोक्ति.कॉम www.janokti.com एक ऐसा हिंदी वेब पोर्टल है जो राज और समाज से जुडे विषयों पर जनपक्ष को पाठकों के सामने लाता है . हमारा प्रयास रोजाना 400 नये लोगों तक पहुँच रहा है . रोजाना नये-पुराने पाठकों की संख्या डेढ़ से दो हजार के बीच रहती है . 10 हजार के आस-पास पन्ने पढ़े जाते हैं . आप भी अपने कलम को अपना हथियार बनाइए और शामिल हो जाइए जनोक्ति परिवार में !

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  11. नेताजी शुभाष चन्द्र बोस के हौसला और निडर व्यक्तित्व से हमें कुछ सीखना चाहिए और अपने वतन को संच्चे अर्थों में आज़ाद करना चाहिए. अपने देश में लाभ रहित और दल रहित लोकतंत्र की स्थापन की लड़ाई के लिए कमर कसनी होगी.

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